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May 21, 2018

Ovarian aur cervical cancer mein difference | अंडाशय और गर्भाशय कैंसर में अंतर

कुछ बीमारिया सिर्फ महिलाओं को होती है, उनमे से है अंडाशय और गर्भाशय कैंसर | बहुत से लोग अंडाशय और गर्भाशय कैंसर में अंतर में नहीं जानते है | आज हम आपको गर्भाशय और अंडाशय कैंसर के बारे में बतायेंगे | Ovarian aur cervical cancer mein difference

 

आईये जानते है दोनों बीमारी के कारण और लक्षण  Ovarian aur cervical cancer mein difference

 

अंडाशय (ovarian) कैंसर:

अंडाशय महिलाओ में प्रजनन के लिए अन्डो का उत्पादन करता है | महिलाओं में कैंसर की मौत की पांचवी सबसे आम बीमारी है | अंडाशय का कैंसर फालोपियन ट्यूब से शुरू होता है |

 

Ovarian aur cervical cancer mein difference

Ovarian cancer

 

अंडाशय कैंसर के कारण:  Ovarian aur cervical cancer mein difference

  1. यह महिलाओ में रजोनिव्रत्ति (menopause) के बाद होता है | 40 साल से कम उम्र की महिलाओ में अंडाशय कैंसर होने की संभावनाए बहुत कम होती है |
  2. प्रजनन क्षमता में कमी के इलाज के लिए जो महिलाए लम्बे समय तक दवाईया लेती है, बिना गर्भधारण किये हुए | ऐसी महिलाओं में अंडाशय कैंसर का खतरा बढ़ जाता है |
  3. महिलाओ में हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी से भी अंडाशय कैंसर होने का खतरा रहता है
  4. अधिक वजन वाली महिलाओ में यह कैंसर होने का खतरा रहता है
  5. जिन महिलाओ में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज हुआ है उनमे यह अंडाशय कैंसर होने का खतरा होता है
  6. जो महिलाए एक से अधिक गर्भधारण कर चुकी होती है, उनमे यह खतरा कम होता है
  7. menopause देर से होना भी महिलाओ में अंडाशय कैंसर का कारण होता है
  8. एंडोमिट्रीओसिस का इलाज करा चुकी महिलाओ में अंडाशय कैंसर का खतरा अधिक बढ़ जाता है
  9. अगर किसी महिला के करीबी रिश्तेदार को अंडाशय कैंसर रहा हो तो, उस महिला में भी अंडाशय कैंसर का खतरा होता है

 

अंडाशय कैंसर के लक्षण    Ovarian aur cervical cancer mein difference

 

शुरुआत में इसके लक्षण कम या ना के बराबर होते है, फिर भी कुछ लक्षण है जिसका पता चलने पर तुरंत डॉक्टर को जांच कराए |

  • मीनोपॉज menopause के बाद योनी से खून का आना|
  • नितम्ब (hip) में दर्द दर्द होना, शरीर के निचले हिस्से,गर्भाशय आदि में दर्द होना
  • कमर दर्द होना
  • अपच और एसिडिटी की समस्या होना , पेट फूलना
  • कब्ज होना
  • कम भूख लगना, थकान और सांस फूलना , जी मिचलाना

 

गर्भाशय(cervical) कैंसर :

गर्भाशय की आन्तरिक कोशिकाए जब जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है , तब गर्भाशय का कैंसर होता है | गर्भाशय कैंसर लीवर, फेफड़े, पेट, आंतो, मूत्राशय और अंडाशय को प्रभावित करता है | जन्म से पहले बच्चा महिला के इसी भाग में रहता है | गर्भाशय कैंसर गर्भ के निचले हिस्से में होता है |  यह महिलाओ में तेजी से फ़ैल रहा है | लापरवाही और जानकारी के अभाव में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है | समय से इस बीमारी का पता चल जाता है, तो इसका सही इलाज संभव होता है| समय से इलाज होने पर ही इससे बचा जा सकता है | यह बीमारी महिला को किसी भी उम्र में हो सकती है | हम आपको गर्भाशय कैंसर के बारे में बतायेगे, जिससे सभी महिलाए इसके बारे में जाने |   Ovarian aur cervical cancer mein difference

 

 

 

 

 

 

Ovarian aur cervical cancer mein difference

cervical cancer

गर्भाशय कैंसर के कारण        Ovarian aur cervical cancer mein difference

  1. मासिक धर्म जल्दी शुरू होना
  2. देर से रजोनिव्रत्ति होना
  3. जिन महिलाओं के करीबी रिश्ते में किसी महिला को गर्भाशय का कैंसर हुआ हो , उनमे इसके होने का खतरा बढ़ जाता है
  4. धुम्रपान करना और अधिक वजन
  5. human palillomavirus अह एक तरह का वायरस का जिसको HPV भी कहते है, यह एक योन संक्रमित वायरस है | 100 से अधिक HPV वायरस होते है, जिनमे से कुछ वायरस गर्भाशय कैंसर का कारण होते है| Ovarian aur cervical cancer mein difference

 

  1. एक से अधिक व्यक्ति से शारीरिक संबध और काम उम्र में यौन सक्रिय होना | जिन महिलाओ के एक से अधिक व्यक्ति से शारीरिक संबध होते है HPV होने का खतरा अधिक रहता है , यह HPV संक्रमण गर्भाशय कैंसर को जन्म देता है |
  2. अधिक तनाव से HPV संक्रमन से लड़ना मुश्किल हो जाता है| जो महिलाये तनाव् में नशीली वस्तुओ का अधिक सेवन करती है, उनमे HPV संक्रमण का खतरा अधिक हो जाता है |
  3. जो महिलाए कम उम्र में बच्चे को जन्म देती है, 17 साल या उससे पहले उनमे गर्भाशय कैंसर का खतरा उनसे ज्यादा होता है, जो 25 साल के बाद माँ बनती है |
  4. लम्बे समय तक गर्भनिरोध दवाईयों का उपयोग करना
  5. दुसरे योन संक्रमण क्लैमाइडीया gonorrhea, syphills आदि से गर्भाशय कैन्सर का खतरा होता है
  6. जो महिलाए कम मात्रा में फल और सब्जिया का सेवन करती है उनमे भी गर्भाशय कैंसर का खतरा होता है
  7. जो महिलाये 2 से ज्यादा बच्चो को जन्म दे चुकी है , उनमे गर्भाशय कैंसर का खतरा अधिक रहता है |
  8. क्युकी गर्भावस्था में बहुत से हार्मोनल बदलाव से HPV संक्रमण का खतरा होता है|
  9. जिन लोगो की आर्थिक स्तिथि अच्छी नहीं है उनमे महिलाओ को स्वास्थय सुविधाए बहुत कम मिलती है | जिसकी वजह से गर्भाशय कैंसर का खतरा होता है

 

 

गर्भाशय कैंसर के लक्षण    Difference between Ovaries and cervical cancer

 

अधिकतर गर्भाशय कैंसर लास्ट स्टेज पर ही पता चलता है, इससे कुछ साल के अन्दर ही मरीज मर जाता है | गर्भाशय कैंसर के लक्षण थोड़ी देर से दिखाई देते है | कुछ लक्षण है जिनको जानकर आप गर्भाशय कैंसर का समय रहते इलाज कराया जा सकता है |

 

  • पीठ में नीचे हिस्से में दर्द होना
  • अपच, पेट की खराबी, कब्ज व् दस्त होना
  • मासिक धर्म के चक्र के बीच में योनी से खून आना
  • शरीरिक संबध बनाते हुए दर्द होना और सम्बन्ध बनाने के बाद खून का आना
  • menopause के बाद खून का आना | अगर आपको रजोनिव्रत्ति (menopause) के बाद योनी से खून आता है तो तुरंत किसी महिला डॉक्टर से जांच कराए |
  • नितम्ब (hip) में दर्द होना
  • कम भूख लगना
  • बार बार पेशाब आना
  • योनी से पानी आना

आपको इनमे से कोई भी लक्षण नजर आये तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराए जिससे गर्भाशय कैन्सर को बढ़ने से रोका जा सके |

 

 

इस पोस्ट Ovarian aur cervical cancer mein difference के माध्यम से हमें अंडाशय और गर्भाशय से के बारे में बताया है |

 

आशा करते है आपको हमारा यह पोस्ट Ovarian aur cervical cancer mein difference पसंद आया होगा |

 

ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी के लिए Medshopi blog पर जाए |

 

धन्यवाद |

 

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