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March 30, 2018

Garmi mein kon se yog kare | गर्मी में कोन से योग करे

garmi me kon se yog kare

गर्मी में आप बहुत सुस्त और थका हुआ महसूस करते है | क्युकी हमारे शरीर से बहुत पानी पसीने के रूप में बाहर जाता है | गर्मी में स्वस्थ और चुस्त रहने के लिए योग करे | इससे आप दिन भर तरो ताजा महसूस करेगे | गर्मी में होने वाली परेशानियों जैसे घबराहट,उलटी -दस्त,जी मिचलाना सबसे राहत मिलेगी | इसके लिए हम आपको बतायेगे Garmi mein kon se yog kare.

 

 आईये जानते है Garmi mein kon se yog kare , जिससे अपने शरीर को गर्मी में स्वस्थ रख सके|

  1.  शीर्षासन :

शीर्षासन योग सब योग में सर्वश्रेष्ठ योग है | इसे करने के बहुत फायदे है | इसके अभ्यास से पुरे शरीर को फायदा मिलता है | शुरुआत में यह योग करना आपके लिए मुश्किल होगा| इसको सही विधि से करना जरुरी है , तभी आपके शरीर को इसके पुरे फायदे मिलेगे|

Garmi mein kon se yog kare

शीर्षासन

शीर्षासन करने के तरीके :

  • सबसे पहले आप अपने पैरो को पीछे की तरफ मोड़ कर बैठ जाये (कुल्हो को पैर पर टिकाना है|
  • जमीन पर कोई मोटा कपडा डाल ले
  • अब आप आगे झुके और दोनों हाथो को कोहनियों के साथ जमीन पर टिका दे
  • दोनों हाथो की उंगलिया एक दुसरे से जोड़ ले और अपने सर को हाथो पर रखे
  • अब अपने पैरो को उंगलियों के सहारे खड़ा करे
  • उसके बाद आप घुटनों को धीरे धीरे मोड़े और पैरो को नीचे ले कर आये| इस अवस्था में आपको 1 मिनट तक रहना है| ( शुरुआत में आपको इसमें थोडा टाइम लगेगा )
  • जब आपको योग की यह प्रक्रिया का अभ्यास हो जाये उसके बाद अगले चरण में बढे
  • इसके बाद आप अपनी दोनों टांगो को धीरे धीरे सीधा करने की कोशिश करे
  • सर पर ज्यादा वजन ना आने दे इसके लिए अपने हाथो का सहारा ले
  • शरीर को धीरे धीरे सीधा करने की कोशिश करे
  • अगर आपको सीधा होने में परेशानी हो रही है तो आप दिवार का सहारा ले सकते है
  • इस अवस्था में आपको कुछ सेकंड के लिए बने रहना है
  • जैसे आप इस योग में निपुण हो जाये अपने शरीर की शमता के अनुसार समय को बाधा सकते है

 

  शीर्षासन के फायदे :

  1. यह दिमाग को शांत रखता है , तनाव कम करने में मदद करता है |
  2. यह हाथ, टांगो और रीढ़ की हड्डी को मजबूत रखता है
  3. इससे फेफड़े के कार्य करने की शमता बढती है
  4. इससे कब्ज में रहत मिलती है
  5. अस्थमा और अनिंद्र जैसी परेशानियों में राहत मिलती है

 

शीर्षासन के लिए क्या सावधानी रखे :  

अगर आप इस आसन को पहली बार कर रहे है| तो किसी अनुभवी व्यक्ति की देख रेख में करे | अगर आपकी गर्दन में चोट हो तब यह आसन नहीं करे | सर दर्द , मासिक धर्म ,  दिल की कोई बीमारी , उच्च या कम की समस्या हो तो ये आसन नहीं करे|

   2.  मत्स्यासन :

इस योग को fish pose भी कहते है | क्युकी इसमें शरीर का आकार मछली जैसा दिखता है | यह योग कमर दर्द और गले की परेशानियों को दूर करता है | आईये जानते है म्त्यासन करने के तरीके

 

garmi mein kon se yog kare

म्त्यासन

  • सबसे पहले आप (अपनी टांगो को सीधा करके बैठ जाये).
  • उसके बाद अपने दोनों पैरो को पद्मासन की अवस्था में रखे
  • अब धीरे धीरे पीठ को पीछे की तरफ झुका दे और अपने दोनों हाथ नीचे जमीन पर टिका दे .
  • पीठ के हिस्से को उठा कर रखना है और गर्दन को मोड़ते हुए के उपरी हिस्से को जमीन पर रखना है
  • अब अपने दोनों पैर के अंगूठो को पकड़ ले
  • आपको इसी अवस्था में लगातार 5 मिनट तक बने रहना है
  • इसके बाद धीरे धीरे अपनी पुरानी अवस्था में आ जाये
  • आप अपने सुविधा अनुसार समय को कम कर सकते है
  • जैसे जैसे आपको योग करने का अभ्यास हो जायेगा आप समय बढा सकते है

 

मत्यासन करने के फायदे:

  1. यह गर्दन और छाती की को लचीला बनाता है
  2. गर्दन ओर कंधे की मशपेशियो से तनाव ख़तम करता है
  3. इससे थाइरोइड , कब्ज, पीठ का दर्द , मासिक धर्म की समस्या , थकान आदि समस्याओ से मुक्त करता है

 

मत्यासन के लिए क्या सावधानी रखे: 

 जिन लोगो को कमर या गर्दन में कोई गंभीर चोट लगी है वो म्त्यासन ना करे| जिनको कम या ज्यादा रक्तचाप की परेशानी है वो यह योग ना करे| जिनको घुटनों में चोट है वो चोट ठीक होने के बाद ये योग कर सकते है |

 

     3.  पद्मासन:  

   जब आप यह सोच रहे होते है, Garmi mein kon se yog kare. यह योग सबसे आसान होता है| यह बैठ कर किया जाने वाला योग है | यह आपको शारीरिक और आध्यामिक रूप से शांति देता है | इसमें शारीरिक गतिविधिया कम होती है | इसमें आपको ध्यान लगाना होता है, इसलिए आप अध्यात्म (spirituality) की तरफ चले जाते है | इसलिए आसन को ध्यान के लिए उत्तम माना  जाता है |

Garmi mein kon se yog kare

पद्मासन

 

     पद्मासन करने की विधि

 

  • जमीन पर बैठ जाये :
  • दांये पैर को मोड़कर बांयी जाघ के उपर ले जाए और कुल्हो के पास रखे
  • दांयी एडी को पेट के निचले बांये हिस्से में रखे
  • बांये पैर को मोड़कर दांयी जाघ के उपर रखे
  • बांई एडी से पेट के निचले हिस्से पर दबाव डाले
  • आँखे बंद करके हाथो को ध्यान (meditation) की स्तिथि में घुटनों पर रखे
  • कमर को सीधा रखे
  • धीरे धीरे सांस अन्दर ले और बाहर छोड़े
  • इसका समय आप अपने अनुसार बढा सकते है 10 मिनट या आधा घंटा
  • इसके बाद आप धीरे धीरे अपनी पुरानी अवस्था में आ जाएँ

     पद्मासन के फायदे:

 

  1. इस आसन को करने से घुटने और कुल्हे की मशपेशियो में लचीलापन आता है
  2. कमर दर्द और मासिक धर्म में होने वाली तकलीफों से छुटकारा मिलता है
  3. यह पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है
  4. गर्भावस्था में इसको करने से डिलीवरी के समय ज्यादा परेशानी नहीं होती है

    पद्मासन के लिए क्या सावधानी रखे:

जिनको घुटनों में दर्द या चोट हो वो यह आसन ना करे| अपनी शमता के अनुसार ही यह योग करे|

 

आज हमने आपको इस पोस्ट Garmi mein kon se yog kare के माध्यम से बताया है| की कैसे योग करने से आप शरीर की बहुत सी समस्या से दूर रह सकते है
आशा करते है आपको हमारा यह पोस्ट Garmi mein kon se yog kare पसंद आया होगा |इसी तरह की और पोस्ट पढने के लिए Medshopi Blog पर जाये|

 

धन्यवाद|

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